STORYMIRROR

भव के सागर मैंऔरमेरीकविताएं भक्तिरस कर्म प्रधान यात्रा पथ क्याहैकुंठा-घुटनक्याहैव्यथा-निराशा साहित्यिक विधा दिन हो या रात हो अद्भूत जुदाहोकरमिलनेकावादाकरो/इकरारआनेकाज्यादाकरो.मुहब्बतमेंजीनेकायेहीचलनहै/बनोश्याममेरानामराधाधरो सच्चाई पुरुषोत्तम दयालु भाव जीवन रूपी सागर ध्यान आशा तर गया ड़ूब नाव सागर को गागर

Hindi सागर प्रधान Quotes